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Zomato CEO Deepinder Goyal की कनपटी पर लगा ‘Temple’ क्या है?

Gravity Aging Hypothesis को लेकर क्यों हो रही है इतनी चर्चा

हाल ही में Zomato के CEO दीपेंद्र गोयल एक लंबे पॉडकास्ट में नज़र आए। पॉडकास्ट में उन्होंने गिग वर्कर्स, कमाई, बिज़नेस मॉडल और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की। लेकिन चार घंटे से ज़्यादा चले इस पॉडकास्ट में चर्चा का केंद्र उनकी बातें कम और उनके चेहरे पर लगा एक छोटा सिल्वर रंग का डिवाइस ज़्यादा बन गया।

यह डिवाइस उनकी कनपटी (Temple) के पास चिपका हुआ था। सोशल मीडिया पर इसे लेकर सवाल उठने लगे—
क्या यह कोई नया हेल्थ गैजेट है?
क्या यह उम्र बढ़ाने से जुड़ा है?
और क्या यह वैज्ञानिक रूप से सही है?

Newsalerts, इस ब्लॉग में हम Gravity Aging Hypothesis, Temple डिवाइस, इसके पीछे की सोच, निवेश, वैज्ञानिक आलोचना और भविष्य की संभावनाओं को तथ्यों और संदर्भों के साथ समझेंगे।

क्या है Temple डिवाइस?

Temple एक experimental health-tech wearable है, जिसे दिमाग के पास लगाया जाता है। यह कोई स्मार्ट वॉच या फिटनेस बैंड नहीं है, बल्कि इसे neurological monitoring device के तौर पर पेश किया जा रहा है।

दावा यह है कि Temple:

  • दिमाग तक जाने वाले रक्त प्रवाह (Cerebral Blood Flow) को मॉनिटर कर सकता है
  • समय के साथ दिमाग में होने वाले बदलावों का डेटा इकट्ठा कर सकता है

हालांकि, यह स्पष्ट करना ज़रूरी है कि:

  • यह कोई मेडिकल डिवाइस नहीं है
  • न ही इसे इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है
  • यह अभी prototype stage में है

Gravity Aging Hypothesis क्या है?

Temple डिवाइस को जिस सिद्धांत से जोड़ा जा रहा है, उसे कहा जाता है Gravity Aging Hypothesis (GAH)

इस परिकल्पना के मुताबिक:

  • इंसान सीधा खड़ा रहने वाला जीव है.
  • दिमाग शरीर का सबसे ऊपरी हिस्सा है.
  • पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण (Gravity) लंबे समय में.
    • दिमाग तक खून पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है.

आसान भाषा में कहें तो:

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है,
दिमाग में ब्लड फ्लो कम हो सकता है
और इसके पीछे गुरुत्वाकर्षण एक कारण हो सकता है।

Gravity Aging Hypothesis यह मानती है कि अगर:

  • इस बदलाव को समय रहते मॉनिटर किया जाए
  • और इसके पैटर्न को समझा जाए

तो aging और brain health को बेहतर ढंग से मैनेज किया जा सकता है।

Deepinder Goyal का इससे क्या कनेक्शन है?

Gravity Aging Hypothesis
Gravity Aging Hypothesis by Temple Device

Deepinder Goyal ने खुद सार्वजनिक रूप से बताया है कि:

  • वे नवंबर 2025 से Temple डिवाइस पहन रहे हैं
  • उन्होंने इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट में
    करीब 2500 करोड़ रुपये का समर्थन दिया है

यह निवेश किसी स्टार्टअप लॉन्च की तरह नहीं, बल्कि long-term research bet के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या यह पहली बार हो रहा है?

नहीं, दुनिया भर में कई अरबपति:

  • longevity
  • anti-aging
  • brain-computer interface
  • preventive health tech

जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर:

  • Elon Musk – Neuralink
  • Google – Calico (aging research)
  • कई टेक लीडर्स – biohacking और health monitoring

Deepinder Goyal का Temple पहनना भी इसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है।

वैज्ञानिक समुदाय क्या कहता है?

Temple डिवाइस और Gravity Aging Hypothesis को लेकर वैज्ञानिक सहमति नहीं है

AIIMS से जुड़े एक वरिष्ठ डॉक्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:

“इस तरह के किसी डिवाइस या रिसर्च का फिलहाल कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है।
ऐसे प्रयोग आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि केवल अरबपतियों तक सीमित रहते हैं।”

कई विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • Gravity Aging Hypothesis अभी सिद्ध नहीं है
  • Temple डिवाइस के दावे clinical trials से साबित नहीं हुए हैं.

फिर भी इसे पूरी तरह खारिज क्यों नहीं किया जा सकता?

हेल्थ टेक के इतिहास पर नज़र डालें तो:

  • कई आज के established medical tools
  • शुरुआत में experimental और विवादित थे

Heart rate monitoring, sleep tracking और ECG जैसी तकनीकों को भी, पहले गंभीरता से नहीं लिया गया था।

इस लिहाज़ से:

  • Temple को एक research experiment.
  • न कि final solution के रूप में देखा जा रहा है.

क्या Temple डिवाइस आम लोगों के लिए आएगा?

फिलहाल नहीं।

  • यह commercial product नहीं है
  • इसकी कीमत तय नहीं है
  • कोई launch timeline घोषित नहीं हुई है

अगर भविष्य में:

  • इसके पीछे ठोस clinical evidence आता है
  • और इसे regulatory approval मिलती है

तभी इसके आम इस्तेमाल की संभावना बनेगी।

सोशल मीडिया पर इतना विवाद क्यों?

इसकी तीन बड़ी वजहें हैं:

  1. डिवाइस दिखने में असामान्य है
  2. इसे एक अरबपति बिज़नेस लीडर पहन रहा है
  3. यह aging जैसे संवेदनशील विषय से जुड़ा है

इंटरनेट पर ये तीनों चीज़ें मिलकर, चर्चा और विवाद को जन्म देती हैं।

Conclusion:

आज की तारीख में:

  • Temple कोई चमत्कारी डिवाइस नहीं है
  • Gravity Aging Hypothesis कोई सिद्ध वैज्ञानिक तथ्य नहीं है

लेकिन:

  • यह experiment भविष्य की हेल्थ टेक पर एक सवाल ज़रूर खड़ा करता है
  • क्या aging को रोका जा सकता है?
  • क्या brain health को पहले से मॉनिटर किया जा सकता है?

Deepinder Goyal का Temple पहनना, शायद जवाब नहीं, लेकिन एक नई बहस की शुरुआत ज़रूर है।

FAQs:

Q. Deepinder Goyal Temple डिवाइस क्या है?

Temple एक experimental health-tech wearable है जो दिमाग तक जाने वाले रक्त प्रवाह को मॉनिटर करने का दावा करता है। यह Gravity Aging Hypothesis पर आधारित एक रिसर्च प्रोटोटाइप है, न कि मेडिकल डिवाइस।

Q. Gravity Aging Hypothesis क्या कहती है?

Gravity Aging Hypothesis के अनुसार पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण लंबे समय में दिमाग में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकता है, जिससे aging और cognitive decline तेज हो सकता है। यह अभी वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है।

Q. क्या Temple डिवाइस उम्र बढ़ा सकता है?

नहीं। फिलहाल ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि Temple डिवाइस उम्र बढ़ा सकता है या aging को रोक सकता है। यह अभी केवल डेटा कलेक्शन और रिसर्च के लिए उपयोग हो रहा है।

Q. Deepinder Goyal ने Temple में निवेश क्यों किया?

Deepinder Goyal ने भविष्य की हेल्थ टेक और longevity रिसर्च में निवेश के तौर पर Temple प्रोजेक्ट को समर्थन दिया है। यह उसी ट्रेंड का हिस्सा है जिसमें अरबपति भविष्य की मेडिकल टेक्नोलॉजी पर दांव लगा रहे हैं।

Q. क्या डॉक्टर Temple डिवाइस को सही मानते हैं?

कई डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का कहना है कि Temple डिवाइस और Gravity Aging Hypothesis का अभी कोई ठोस clinical evidence नहीं है। इसलिए इसे experimental ही माना जाना चाहिए।

Q. क्या Temple डिवाइस आम लोगों के लिए उपलब्ध है?

नहीं। Temple डिवाइस अभी prototype stage में है और आम लोगों के लिए न तो उपलब्ध है और न ही इसकी कीमत या commercial launch तय हुआ है।

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